JKNEWS18/FARIDABAD : सुशासन केवल एक शब्द नहीं, बल्कि एक सशक्त और प्रभावी व्यवस्था है, जिसका मूल उद्देश्य आम नागरिक के जीवन को सरल, सुरक्षित और सम्मानजनक बनाना है। यह बात केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने कही।
वे वीरवार को सेक्टर-12 स्थित लघु सचिवालय के सभागार में आयोजित जिला स्तरीय सुशासन दिवस समारोह बतौर मुख्य अतिथि शिरकत कर वहां उपस्थित लोगों को संबोधित कर रहे थे। उनके साथ बल्लभगढ़ विधायक मूलचंद शर्मा, बडख़ल विधायक धनेश अदलखा, फरीदाबाद एनआईटी विधायक सतीश फागना, मेयर प्रवीण जोशी, भाजपा जिला अध्यक्ष पंकज पूरन रामपाल व बल्लभगढ़ जिलाध्यक्ष सोहन पाल सिंह, पूर्व विधायक टेकचंद शर्मा, जिला परिषद चेयरमैन विजय सिंह भी मौजूद रहे।
केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने कहा कि सुशासन की बुनियाद जनता की भागीदारी, कानून का शासन, पारदर्शिता, प्रशासनिक जवाबदेही, सामाजिक न्याय और मानव अधिकारों के संरक्षण पर टिकी होती है। वर्ष 2014 के बाद केंद्र और राज्य सरकारों ने प्रशासन के आधुनिकीकरण की दिशा में कई ऐतिहासिक कदम उठाए हैं, जिनका सीधा लाभ आम जनता को मिला है।
डिजिटल तकनीक के व्यापक उपयोगए समयबद्ध और बाधारहित सेवा वितरण तथा समावेशी विकास की नीति ने शासन को अधिक प्रभावी और उत्तरदायी बनाया है। उन्होंने कहा कि डिजिटल इंडिया, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) परिवार पहचान पत्र, ऑनलाइन राजस्व रिकॉर्ड और ई-गवर्नेंस जैसी पहलों ने न केवल प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाया, बल्कि भ्रष्टाचार पर भी प्रभावी रोक लगाई है।
इन पहलों के चलते बिचौलियों की भूमिका लगभग समाप्त हो गई है और सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे पात्र लाभार्थियों तक पहुंच रहा है। आज अधिकांश सरकारी सेवाएं और सुविधाएं एक क्लिक की दूरी पर उपलब्ध हैं, जिससे आम नागरिक को कार्यालयों के चक्कर लगाने से मुक्ति मिली है।
सुशासन दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में राज्य स्तरीय कार्यक्रम का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला स्तरीय कार्यक्रम में प्रसारण किया गया। जिसमें भारत रतन अटल बिहारी वाजपेई जी के जीवन चरित्र पर एक लघु फिल्म दिखाई गई और सबका साथ सबका विकास सुशासन पर एक वृत्तचित्र भी प्रसारित किया गया।
उन्होंने कार्यक्रम में मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस की अवधारणा पर भी प्रकाश डाला गया। उन्होंने कहा कि इसी सोच के तहत हजारों पुराने और अप्रासंगिक कानूनों को समाप्त किया गयाए जिससे प्रशासन अधिक जनहितैषीए सरल और प्रभावी बना। सुशासन के इन प्रयासों का सकारात्मक असर देश की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ा है और भारत तेजी से विकास की नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा में सुशासन की दिशा में की गई पहलों की विशेष रूप से सराहना की गई। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल के नेतृत्व में प्रदेश में सुशासन की मजबूत नींव रखी गई, जिसे वर्तमान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ा रहे हैं। हरियाणा आज सुशासन के क्षेत्र में देश के लिए एक उदाहरण बनकर उभरा है।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थितजनों को सुशासन दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दी गईं और विश्वास व्यक्त किया गया कि शासन और प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से देश और प्रदेश आने वाले वर्षों में विकास, पारदर्शिता और जनकल्याण की नई बुलंदियों को छुएंगे। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों को सम्मानित किया गया।
चिन्हित अपराध मामलों में सराहनीय एवं प्रभावी प्रदर्शन के लिए जिला न्यायवादी सत्येन्द्र कुमार, राजकीय प्राथमिक विद्यालय मुजेसर में शैक्षणिक गुणवत्ता को सुदृढ़ करनेए प्रशासनिक दक्षता तथा सुशासन के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए डीईईओ रेखा कादयान, एनसीसी कैडेट्स के साथ मिलकर सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाने तथा युवाओं में अनुशासन, राष्ट्रभक्ति और सामाजिक चेतना को बढ़ावा देने के लिए एनसीसी अधिकारी रविंदर पाल को भी सम्मानित किया गया।
कार्यकम में एसडीएम बडख़ल त्रिलोक चंद, एसडीएम फरीदाबाद अमित कुमार, एसडीएम बल्लभगढ़ मयंक भारद्वाज, नगर निगम एडिशनल कमिश्नर गौरव अंतिल, डीसीपी उषा कुंडू, सीटीएम अंकित कुमार, सीएमओ डॉ जयंत आहूजा, डीआईपीआरओ मूर्ति दलाल, जिला शिक्षा अधिकारी अंशुल दहिया सहित अन्य सभी अधिकारीगण मौजूद रहे।