JKNEWS18/FARIDABAD : केन्द्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने कहा कि स्वदेशी संकल्प एक नारा नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर और विकसित भारत की नींव है। यह एक आह्वान है कि हम अपने देश में बने उत्पादों को अपनाए, अपनी संस्कृति को गले लगाएं और अपने देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करें।
हर घर स्वदेशी, घर-घर स्वदेशी हमारा मंत्र है, हमारा लक्ष्य है और हमारी शक्ति है। स्वदेशी केवल आर्थिक क्षेत्र में ही नहीं है, यह हमारी संस्कृति और आत्मा का हिस्सा है। दुनिया में भारत का योग, आयुर्वेद, हस्तशिल्प, परंपरागत उद्योग, यह सब वैश्विक पहचान बना चुके हैं।
स्वदेशी हमारे देश के कारीगरों, किसानों, छोटे व्यापारियों और हमारे उद्यमियों के प्रति एक सम्मान है। जब हम स्वदेशी अपनाते हैं, तो हम अपने देश की मिट्टी से जुड़ते हैं, अपने लोगों की मेहनत को सम्मान देते हैं और अपने देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक कदम बढ़ाते हैं।
देश की सभी समस्याओं की एक ही दवा है स्वदेशी का प्रयोग और आत्मनिर्भर भारत। यह कथन केन्द्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर द्वारा भाजपा जिला कार्यालय अटल कमल में आयोजित प्रैस वार्ता में कहे।
इस प्रेस वार्ता में भाजपा जिला अध्यक्ष पंकज पूजन रामपाल, प्रदेश प्रवक्ता बिजेन्द्र नेहरा, जिला मिडिया प्रभारी विनोद गुप्ता, आत्मनिर्भर भारत जिला संयोजक सीमा भारद्वाज, जिला सह संयोजक नीरज मित्तल, गिर्राज त्यागी, जिला महामंत्री चौधरी प्रवीण गर्ग, शोभित अरोड़ा, जिला कार्यालय सचिव राज मदान, जिला सचिव भाजपा मनीष छोंकर व अन्य भाजपा नेता उपस्थित रहे।
श्री गुर्जर ने कहा कि दत्तोपंत ठेंगड़ी ने हमें सिखाया आर्थिक आत्मनिर्भरता ही सुरक्षा है, भारतीय उद्योग और श्रमिक हमारी ताकत हैं। उन्होंने स्वदेशी प्रौद्योगिकीए कृषि और लघु उद्योगों को बढ़ावा देकर यह दिखाया कि हमारा विकास हमारे हाथ में है।
यही प्रेरणा आगे चलकर वर्ष 1991 में आत्मनिर्भर भारत के आंदोलन का आधार बनी जिसे आगे बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आत्मनिर्भर भारत का आह्वान किया था। आज मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, डिजिटल अवसंरचना और वोकल फॉर लोकल जैसे अभियान इसी विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं।
हमारी शक्ति, हमारी संस्कृति और हमारी उद्योग.कुशलता ही हमें आत्मनिर्भर भारत की ऊंचाइयों तक ले जाएगी। देश में स्वदेशी, स्वभाषा और स्वभूषा यह तीनों स्तंभ मिलकर विकसित भारत की ओर ले जाते हुए आत्मनिर्भर भारत की नींव तैयार कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पं. दीनदयाल उपाध्याय का मानना था कि आर्थिक व्यवस्था स्वदेशी पर आधारित होनी चाहिए। आज मोदी जी के नेतृत्व में भाजपा की केन्द्र सरकार इसी मंत्र पर चलते हुए स्वदेशी को बढ़ावा दे रही है। मेक इन इंडिया से लेकर स्टार्टअप इंडिया, वोकल फॉर लोकल से लेकर आत्मनिर्भर भारत तक हर पहल का लक्ष्य यही है कि हम विदेशी निर्भरता कम करें और स्वदेशी उत्पादन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रक्षा स्वदेशीकरण, ओडीओपी, जीईएम, ओएनडीसी, भाषा प्रौद्योगिकियों और भारतीय विरासत पर गर्व के माध्यम से आत्मनिर्भरता के विचार को आगे बढ़ाया है। अब स्वदेशी का स्वरूप केवल खादी या दीये तक सीमित नहीं है।
आज यह ब्रह्मोस मिसाइल से लेकर सेमीकंडक्टर तक, चिप से लेकर शिप तक और विश्व स्तरीय वस्तु और शिल्प तक फैल चुका है। स्वदेशी हमारी अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और भारत को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे ले जाने का मंत्र है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कई बार देश से आह्वान किया है कि देशवासी जो भी खरीदें वो देश में ही बना होना चाहिए।
चाहे दीपावली की मूर्तियां हों या मोबाइल,टीवी, फ्रिज हो। उसमें हिंदुस्तान की मिट्टी की खुशबू होनी चाहिए। सभी व्यापारी भाई-बहन जो भी बेचें वो देश में ही बना होना चाहिए। अब हमें स्वदेशी को विकसित भारत की नींव बनाना है। श्री गुर्जर ने कहा कि जब से मोदी की ने देश की कमान सम्भाली है देश ने आर्थिक तरक्की की है, भारत विश्व की चौथी अर्थव्यवस्था बना है।
मोदी जी ने नेतृत्व में केंद्र सरकार ने देश के संपूर्ण विकास के लिए बेहतर रेल और डिजिटल कनेक्टिविटी, 140 से ज्यादा वन्दे भारत ट्रेन, रेलवे इलेक्ट्रिफिकेशन, नए नए हाईवे एवं एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, शिक्षा और स्वास्थ्य संस्थानों आईआईएम, एम्स, आईआईटी, मेडिकल कालेज, विश्व विद्यालय की स्थापना की गई है।
खादी की बिक्री 2014 से पहले 33 हजार करोड़ सालाना की थी और अब एक लाख 70 हजार करोड़ रूपये की हो गई है। श्री गुर्जर ने कहा कि जब हम अपने उद्योगों को मजबूत करते हैं, कौशल और तकनीक को बढ़ावा देते हैं, तो हम न सिर्फ आत्मनिर्भर बनते हैं बल्कि दुनिया को भी अपनी शक्ति का परिचय देते हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी मानना है कि स्वदेशी उत्पादों का मतलब कम कीमत, अधिक शक्ति है। आत्मनिर्भर भारत का रास्ता स्वदेशी के प्रयोग और निर्माण से होकर जाता है। स्वदेशी संकल्प से आर्थिक स्वतंत्रता सुनिश्चित करनी होगी। हमारी स्वतंत्रता तभी सार्थक होगी जब हम आत्मनिर्भर बनेंगे।
श्री गुर्जर ने कहा कि आज भारत न सिर्फ अपनी सेना के लिए आधुनिक हथियार बना रहा है बल्कि कई देशों को रक्षा उपकरण निर्यात भी कर रहा है। मेक इन इंडिया और डिफेंस इंडिजिनाइजेशन के कारण आज टैंक से लेकर तोप और ड्रोन तक भारत में ही तैयार हो रहे हैं। यह आत्मनिर्भर भारत का सच्चा स्वरूप है।
आज गांव-गांव तक डिजिटल क्रांति पहुंची है। मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग में भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक बन गया है। आज पूरी दुनिया में भारत का गर्व बढ़ा रहा है। पहले हम तकनीक आयात करते थे, आज दुनिया भारत से सीख रही है, यह आत्मनिर्भर भारत का नया चेहरा है।