JKNEWS18/FARIDABAD : 28 जुलाई 2025 की शाम फरीदाबाद पर एक एस्कोर्ट सिक्योरिटी कम्पनी के वर्कर द्वारा एक मूक बधिर (बोल नहीं सकने वाले) बालक को लाया गया, जो अकेला, डरा हुआ और असहाय अवस्था में था। वर्कर को यह बच्चा सडक़ किनारे भटकता हुआ मिला था।
उसने लगभग आधे घंटे तक खुद से बच्चे के परिजनों को खोजने का प्रयास किया, लेकिन जब यह स्पष्ट हुआ कि बच्चा बोल नहीं सकता और अपनी पहचान या ठिकाने की जानकारी देने में असमर्थ है, तो उसने मानवीय जिम्मेदारी निभाते हुए उसे बीपीटीपी ट्रैफिक बूथ पर मौजूद पुलिसकर्मियों को सौंप दिया।
मौके पर मौजूद बीपीटीपी चौक ट्रैफिक इंचार्ज अशोक कुमार ने तत्काल कंट्रोल रूम को बच्चे की गुम होने की सूचना दी। साथ ही बच्चे की तस्वीर और जानकारी पुलिस कंट्रोल रूम ग्रुप सहित पुलिस के अन्य ग्रुप के अलावा अन्य व्हाट्सएप ग्रुप में साझा की गई, जिससे बच्चे की पहचान की जा सके और उसके माता-पिता का पता लग सके।
करीब 8.30 बजे रात्रि माता एवं पिता ठाकुर मोहल्ला अजरौंदा निवासी अपने बच्चे के लापता होने की शिकायत दर्ज करवाने सैक्टर-15ए की पुलिस चौकी पर पहुंचे। चौकी पर परिजनों ने यह भी बताया कि वे पिछले करीब एक से डेढ़ घंटे से बच्चे की तलाश कर रहे थे,
बच्चे की मां फौजा खातून ने चौकी पर बताया कि उनका बेटा बोल नहीं सकता है और जब कोई पता नहीं चला तो वे पुलिस सहायता के लिए चौकी पहुंचे। ड्यूटी पर मौजूद हेड कांस्टेबल योगेन्द्र को कंट्रोल रूम से वायरलेस ट्रांसमिशन के माध्यम से बीपीटीपी चौक पर बच्चे के मिलने की जानकारी प्राप्त हुई थी।
बच्चे की फोटो माता-पिता को दिखाई गई और माता-पिता द्वारा पहचान करने पर हेड कांस्टेबल योगेन्द्र ने बीपीटीपी चौक ट्रैफिक० इंचार्ज से संपर्क किया गया। इसके पश्चात रात्रि लगभग 8.50 बजे, बच्चे को उसकी मां फौजा खातून और पिता सलवर आलम के सुपुर्द कर दिया गया।
इस पूरे घटनाक्रम में फरीदाबाद ट्रैफिक पुलिस एस्कॉर्ट कंपनी के सिक्योरिटी कर्मी और चौकी सेक्टर 15 की आपसी समन्वय से लापता बच्चे को सुरक्षित परिजनों से मिलवाया गया, जो एक जिम्मेदार, संवेदनशील और सशक्त पुलिसिंग का उदाहरण है।
फरीदाबाद ट्रैफिक पुलिस नागरिकों से अपील करती है कि किसी भी आपात स्थिति में या पुलिस सहायता के लिए तुरंत 112 डायल करे । आपकी सुरक्षा हमारा संकल्प है।