JKNEWS18/FARIDABAD : नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के आह्वान पर आज नगर निगम के कर्मचारियों ने भोजन अवकाश के समय निगम मुख्यालय पर काले बिल्ले लगाकर हाथों में काले झंडे लेकर जोरदार प्रदर्शन किया।
कर्मचारी शहरी स्थानिय निकाय मंत्री विपुल गोयल ने 29 जून को संघ के प्रतिनिधि मंडल को बैठक कर मांगों का समाधान करने का आश्वासन नही किया पूरा। प्रदेश के पालिका कर्मचारी नाराज। सडक़ों पर उतरकर जल्द बैठक कर मांगों का समाधान करने की की मांग।
ऑनलाइन हाजिरी लगाने व ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी का किया विरोध। प्रदर्शन की अध्यक्षता सफाई कर्मचारी यूनियन के प्रधान बलबीर सिंह बालगुहेर ने की।
प्रदर्शन में नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के राज्य प्रधान नरेश कुमार शास्त्री व उप महासचिव सुनील चिंडालिया, सचिव अनूप चिंडालिया, उप प्रधान कमला व जिला प्रधान दिलीप बोहत विशेष रूप से उपस्थित रहे।
कर्मचारियों को संबोधित करते हुए नगरपालिका कर्मचारी संघ, हरियाणा के राज्य प्रधान नरेश कुमार शास्त्री ने कहा कि 29 जून को शहरी स्थानीय निकाय मंत्री के कार्यालय सागर सिनेमा सेक्टर 16 पर राज्य भर के हजारों कर्मचारियों द्वारा प्रदर्शन करते हुए ज्ञापन सौंपा था ज्ञापन लेते हुए
शहरी स्थानिय निकाय मंत्री विपुल गोयल ने नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रतिनिधि मंडल को एक हफ्ते में बैठक कर 18 सूत्रीय दिए गए मांग पत्र में वर्णित मांगों का समाधान करने व मंत्रालय में कर्मचारियों की मांगों से संबंधित फाइलों का निपटान करने का भरोसा दिलाया था लेकिन एक महीना बीतने के बाद भी मंत्री ने किए गए वादे को पूरा नहीं किया है।
इससे प्रदेश के पालिका परिषद निगम और फायर के कर्मचारियों में गहरी नाराजगी है। वहीं पालिका कर्मचारी संघ ने ऑनलाइन हाजरी व ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी का भी आज जमकर विरोध किया है, संघ का कहना है कि प्रदेश में विभिन्न विभागों में तीन लाख से ज्यादा कर्मचारी कार्यरत है किसी भी कर्मचारी की ऑनलाइन हाजिरी नहीं लगाई जाती है,
फिर पालिका परिषद निगमों में सिर्फ सफाई कर्मचारियों की ऑनलाइन हाजिरी क्यों, शास्त्री ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश की पालिका, परिषद व निगमों के सफाई कर्मचारियों का जिले से बाहर तबादला करना नियमों के विरुद्ध है। सरकार पालिका कर्मचारियों को तुरंत ऑनलाइन हाजिरी हाजरी लगाना बन्द करे व ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी से बाहर करें।
शास्त्री ने सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार बताएं प्रदेश में 11 वर्षों में सफाई कर्मचारियों की पक्की भर्ती क्यों नहीं की उन्होंने सरकार पर सफाई कर्मचारियों का वेतन न बढऩे का भी आरोप लगाया।
शास्त्री ने कहा कि यदि 11 वर्षों में सरकार महंगाई के अनुपात में वेतन बढ़ोतरी करती तो 11 वर्षों में 46 प्रतिशत महंगाई बढ़ी है इसके अनुपात में प्रदेश के सफाई कर्मचारियों का वेतन 27000 से अधिक होना चाहिए लेकिन मुख्यमंत्रीश्री सैनी अपनी ही घोषणा से पलट गए और 2100 देने की बात कह कर सफाई कर्मचारियों के साथ अन्याय कर रहे हैं।
संघ ने फैसला लिया है कि सरकार की सफाई कर्मचारी एवं फायर के कर्मचारियों तथा पालिका परिषद निगमों में कार्यरत सभी तृतीय व चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की मांगों को लेकर प्रदेश भर में आंदोलन किया जाएगा।
आंदोलन के प्रथम चरण में 20 व 21 अगस्त को सभी शहरों में भूख हड़ताल की जाएगी तथा 10 व 11 सितंबर को सभी विधायकों को ज्ञापन दिए जाएंगे तथा 26 सितम्बर को सभी जिला उपयुक्त कार्यालय पर प्रदर्शन किए जाएंगे और उपायुक्तों के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे जाएंगे।
यदि सरकार ने मांगों का समाधान नहीं किया तो प्रदेश के सभी पालिका, परिषद, निगम गांव के सफाई कर्मचारी व सरकारी अर्ध सरकारी निगम बोर्ड कॉरपोरेशन यूनिवर्सिटीज में कार्यरत सफाई कर्मचारी 18 अक्टूबर को मुख्यमंत्री के कुरुक्षेत्र आवास पर एक दिवसीय प्रदर्शन करेंगे और सरकार से 11 वर्षों में सफाई कर्मचारियों के उत्थान में किये गए कामों का हिसाब मांगेंगे।
आज के प्रदर्शन में अन्य के अलावा कर्मी नेता रघुवीर चौटाला, श्रीनंद ढकोलिया, महेंद्र कुडिय़ा, जितेंद्र छाबड़ा, शहाबुद्दीन, देवी चरण शर्मा, रामरतन कर्दमख् महिला नेता सुरेश देवी, ललिता देवी, प्रेमपाल, नरेश भगवाना, दर्शन सोया, राजवीर सिंह आदि भी शामिल थे।