JKNEWS18/FARIDABAD : शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल ने मीटिंग का नही दिया समय, नाराज नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा ने किया आन्दोलन का ऐलान। आन्दोलन के प्रथम चरण में मीटिंग का समय न देने, ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी व ऑनलाइन हाजिरी लगाने के विरोध में 29 जुलाई को सभी पालिका, परिषदों, नगर निगमो व फायर के कर्मचारी काले बिल्ले लगा कर करेंगे प्रदर्शन।
आगामी 20 व 21 अगस्त को करेंगें क्रमिक भूख हड़ताल। यदि सरकार ने कर्मचारियों की मांगों का समाधान नहीं किया तो संघ आन्दोलन के दूसरे चरण में सरकार के सभी विधायकों को 10 व 11 सितम्बर को ज्ञापन देगा, 26 सितम्बर को जिला उपायुक्त कार्यालयों पर प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिए जाएंगे।
यदि सरकार ने इसके बाद भी पालिका, परिषद, निगमों व फायर के कर्मचारियों की मांगों का समाधान नहीं किया तो 18 अक्टूबर को मुख्यमंत्री के कैम्प कार्यालय कुरुक्षेत्र में राज्य स्तरीय प्रदर्शन किया जाएगा और प्रदर्शन के मंच से हड़ताल का ऐलान करेंगे।
गौरतलब है कि नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा की राज्य कमेटी की बैठक कल देर सायं नगर निगम कॉफ्रेंस हॉल में संघ के राज्य प्रधान नरेश कुमार शास्त्री की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक के बाद संघ राज्य प्रधान नरेश कुमार शास्त्री ने आंदोलन का ऐलान किया।
इस अवसर पर संघ के वरिष्ठ उप प्रधान रमेश तुषामड, महासचिव मांगेराम तिगरा, मुख्य संगठनकर्ता शिवचरण, अग्निशमन विभाग के प्रधान व संघ के राज्य उप प्रधान राजेंद्र सिंह, उप प्रधान राजेश बागड़ी, कोषाध्यक्ष महेंद्र सिंह संगेलिया, उप महासचिव सुनील चिंडालिया उपस्थित रहे।
संघ के राज्य प्रधान व महासचिव मांगेराम तिगरा ने कार्यकर्ताओ को संबोधित करते हुए हरियाणा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं उन्होंने कहा कि सरकार ने 11 वर्षों में एक भी सफाई कर्मचारी की नियमित भर्ती नहीं की पिछले 11 वर्षों में 46 प्रतिशत से अधिक महंगाई बढ़ी है लेकिन सफाई कर्मचारियों के वेतन में बढ़ोतरी नहीं की है,
अगर सरकार बढ़ोतरी करती तो सफाई कर्मचारियों का वेतन 26000 से अधिक होता। इसी प्रकार फायर ब्रिगेड के अनुबंधित कर्मचारियों के वेतन में भी बढ़ोतरी नहीं की है तथा उनका विभाग के रोल पर करने में सरकार चलाकी बरत रही है और मंत्री द्वारा 4 अप्रैल को बात करने के बाद आज तक मांगों का समाधान नहीं किया गया है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने अब 21 सो रुपए देकर सफाई कर्मचारियों के साथ मजाक किया है। कुछ सरकार के लोग मुख्यमंत्री का स्वागत कर प्रदेश के सफाई कर्मचारियों के जले पर नमक छिडक़ने का काम कर रहे हैं, जिसका सफाई कर्मचारी समय आने पर कड़ा जवाब देंगे।
श्री शास्त्री प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि हरियाणा में एक भी मानव रहित मशीन सीवर सफाई करने के लिए नहीं लाई गई है सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बाद भी सफाई कर्मचारी ही सीवर में उतरकर काम कर रहा है, जिस कारण आए दिन सफाई कर्मचारियों की मौत हो रही है सरकार इस पर चिंतित नहीं है।
उन्होंने सरकार को सफाई कर्मचारियों की मौतों का जिम्मेदार बताया। श्री शास्त्री ने कहा कि शहरी स्थानीय निकाय मंत्री के आवास पर 29 जून को प्रदेश के पालिका परिषद निगमो व फायर के कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया था लेकिन शहरी स्थानिय निकाय मंत्री ने एक महीना बीत जाने के बाद भी बैठक कर मांगों का समाधान करने का समय नहीं दिया है
इसलिए प्रदेश के कर्मचारी नाराज हैं और राज्य स्तरीय आंदोलन करने का ऐलान आज किया है। श्री शास्त्री ने चेतावनी दी की मुख्यमंत्री के आवास पर 18 अक्टूबर को किए जाने वाले प्रदर्शन के मंच से हड़ताल जैसा बड़ा फैसला लिया जाएगा।
शास्त्री ने सफाई कर्मचारियों की ऑनलाइन हाजिरी व ऑनलाइन ट्रांसफर पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि पालिका, परिषद, निगमों के कर्मचारियों की ऑनलाइन ट्रांसफर नहीं की जा सकती क्योंकि पालिका, परिषद, निगमों के सेवा नियम अलग हैं बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी हैं
जिनका सफाई मजदूर सेवा नियम व म्युनिसिपल एक्ट 1973 के अनुसार जिला से बाहर तबादला नहीं किया जा सकता सरकार एप पर हाजिरी लगाने व ऑनलाइन ट्रांसफर के बहाने सफाई कर्मचारियों पर उत्पीडऩ आत्मक कार्रवाई कर रही है जो सामाजिक दृष्टि एवं न्यायिक दृष्टि से उचित नहीं है।
शास्त्री ने कहा कि सरकार की इस उत्पीडऩात्मक कार्रवाई के खिलाफ पालिका व्यापार कर्मचारियों की मांगों के प्रति उदासीनता के खिलाफ प्रदेश के सभी सरकारी, निगम, बोर्ड, कॉरपोरेशन, यूनिवर्सिटीज, प्राइवेट क्षेत्र में काम करने वाले व गांव के सफाई कर्मचारियों को साथ लेकर कर्मचारियों को न्याय दिलाने की लड़ाई लड़ेंगे।
राज्य कमेटी की बैठक में सुखदेव सिंह, बिशन सिंह, सुशीला देवी, कमला, पुरसोत्तम दानव, परस राम, मदन, अनूप चंडालिया सहित दर्जनों पदाधिकारी ने भाग लिया।