JKNEWS18/FARIDABAD : नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष नरेश कुमार शास्त्री ने कहा है कि एनपीएस या यूपीएस नहीं पुरानी पेंशन कर्मचारियों का मौलिक अधिकार।
केंद्र सरकार के नक्शे कदम पर चलते हुए हरियाणा सरकार ने लागू की यूपीएस पेंशन स्कीम कर्मचारियों को यूनिफाइड पेंशन या नेशनल पेंशन स्कीम में से एक चुनने का अधिकार न्याय उचित नहीं। सरकार को पुरानी पेंशन को चुनने का अधिकार भी कर्मचारियों को देना चाहिए।
अगर नई पेंशन स्कीम बेहतर है तो संसद से विधानसभा तक सभी सदस्यों को पुरानी पेंशन क्यों दी जा रही है। सफाई व सीवर कर्मियों की नियमित भर्ती नही करना सामाजिक भेदभाव। 11 वर्षों में सरकार ने नहीं की सीवर व सफाई कर्मचारियों की पक्की भर्ती। 26 व 27 हजार के स्थान पर 2100 रुपये की बढ़ोतरी करने की घोषणा सफाई कर्मचारियों के आर्थिक शोषण का प्रतीक।
सफाई का कार्य असेंशियल सर्विसेज का हिस्सा, लेकिन सफाई कर्मी को मनुष्य न मानना सामाजिक भेदभाव। सफाई कर्मचारियों को तृतीय श्रेणी के कर्मचारियों के समान वेतनमान देकर आर्थिक भेद भाव दूर करें सरकार। जीवन रक्षक यंत्र देकर सीवर सेफ्टी टैंकों में हो रही मोतों पर विराम लगाये सरकार।
पालिका, परिषदों व नियमों के सफाई कर्मचारियों की हाजरी जबरन डंडे के जोर पर तानाशाही पूर्वक ऑन लाइन लगाने के लिए मजबूर करना न्याय संगत नही। श्री शास्त्री ने ये आरोप शुक्रवार को एनएच.1 स्थित मान जी बीकानेर हाल में आयोजित प्रेस वार्ता को सम्बोधित करते हुए सरकार पर लगाए।
उन्होंने कहा कि सरकार कर्मचारियों की मांगों का समाधान करना तो दूर, उनसे बातचीत का रास्ता भी किया बंद कर दिया है। श्री शास्त्री ने शहरी स्थानिय निकाय मंत्री विपुल गोयल पर नगरपालिका कर्मचारी संघ, हरियाणा द्वारा दर्जनों पत्र, ज्ञापनों के माध्यम से मांगों का समाधान व वार्ता के लिए समय देने के अनुरोध को अनदेखा कर दिया है।
नाराज पालिका कर्मचारी 29 जून को सेक्टर 16 अनाज मंडी में इक_ा होंगे और विशाल प्रदर्शन करते हुए उनके आवास का घेराव करेंगे।
शास्त्री ने कहा कि सफाई अभियान के नाम पर सरकार नागरिकों के साथ धोखा और सफाई व सीवर कर्मचारियों का शोषण कर रही है, जनसंख्या के आधार पर कर्मचारियों की संख्या कम है और सफाई के उपकरण व संसाधन नही है, सुरक्षा उपकरणों के अभाव में सीवर व सफाई कर्मचारियों की मौतों का क्रम लगातर जारी है।
श्री शास्त्री ने सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि सरकार ने 29 अक्टूबर 2022, 5 अप्रैल 2023 व 7 अगस्त 2024 को संघ व सरकर के बीच हुए समझौतों में सफाई कर्मचारियों व सीवर मैनो के रिक्त पदों पर नियमित भर्ती करने, समान काम-समान वेतन एरियर सहित देने,
फायर के कर्मचारियों को सृजित पदों पर समायोजित करने, वेतन वृद्धि करने, ठेका प्रथा समाप्त करने, क्षेत्रफल आबादी के तहत नये पद सर्जित कर पक्की भर्ती करने, गुरुग्राम के 946 कर्मचारियो को पालिका रोल पर करने व 2534 सफाई कर्मचारियों को हरियाणा कौशल रोजगार निगम पर करने, हड़ताल अवधि का वेतन देने सहित दर्जनों मांगो पर सहमति बनी थी, लेकिन सरकार ने मानी गई मांगों को लागू न कर प्रदेश के पालिका, परिषद, निगम व फायर के कर्मचारियों को आंदोलन करने के लिए मजबूर किया है।
नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा ने सरकार की वायदा खिलाफी, हठधर्मिता और शोषण के खिलाफ आगामी 22 जून को मुख्यमंत्री के कुरुक्षेत्र आवास तथा शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा के पानीपत आवास पर जोरदार प्रदर्शन कर ज्ञापन दिए तथा 23 जून को सरकार के अन्य मंत्रियों को प्रदर्शन कर ज्ञापन देखकर मानी गई मांगों को लागू करवाने के लिए ज्ञापन सौंपे गए हैं।
इसके बाद भी सरकार ने पालिकाओं, परिषदों, नगर निगमों व हरियाणा फायर कर्मचारियों की मांगों के समाधान के लिए कोई भी ठोस कदम नहीं उठाया है।
श्री शास्त्री ने केंद्रीय ट्रेड यूनियनों, कर्मचारी संघों की फेडरेशनों, सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के आह्वान पर श्रम कानूनों को समाप्त कर चार श्रम कोड लागू करने के खिलाफ, रिक्त पदों पर पक्की भर्ती करने, पुरानी पेंशन लागू करनेए प्रदेश में आठवां वेतन आयोग गठित करने,
हर माह वेतन में 5 हजार रुपये अंतरिम राहत देने तथा सेवानिवृत कर्मचारियों को आठवें वेतन आयोग के लाभ से बाहर करने के विरूद्ध में देश के सभी मजदूर कर्मचारियों के साथ 9 जुलाई को होने वाली राष्ट्रीय व्यापी हड़ताल में शामिल होने का भी ऐलान किया है।
प्रेस वार्ता में नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के उप महासचिव सुनील चिंडालिया, राज्य सचिव अनूप चिंडालिया, राज्य उपाध्यक्ष कमला व हरियाणा महिला सब कमेटी की नेता सुरेश देवी, ललिता देवी, जिला प्रधान दलीप बोहत, सचिव अनिल चिंडालिया, सफाई कर्मचारी यूनियन के प्रधान बलबीर सिंह बालगुहेर, सचिव महेंद्र कुडिय़ा, वाटर सप्लाई यूनियन के प्रधान देवी चरण शर्मा, बेलदार यूनियन के प्रधान शहाबुद्दीन भी उपस्थित रहे।