JKNEWS18/FARIDABAD : क्राइम ब्रांच ने दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर के पास से तीन विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगभग 15 करोड़ रुपये मूल्य की कोकीन बरामद की गई है। गिरफ्तार किए गए आरोपी पिछले कई वर्षों से अवैध रूप से भारत में रहकर ड्रग्स तस्करी के इस काले साम्राज्य को चला रहे थे।
क्राइम ब्रांच को गुप्त सूचना मिली थी कि दिल्ली से सटे फरीदाबाद के बॉर्डर इलाके में नशीले पदार्थों की एक बड़ी खेप लाई गई है। इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने जाल बिछाया और घेराबंदी कर आरोपियों को धर दबोचा। पुलिस ने जब इनके ठिकानों पर छापेमारी की, तो वहां से भारी मात्रा में उच्च गुणवत्ता वाली कोकीन बरामद हुई।
पुलिस के अनुसार बरामद की गई ड्रग्स की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 15 करोड़ रुपये आंकी गई है। मामले का खुलासा करते हुए एसीपी क्राइम अमन यादव ने बताया कि पकड़े गए आरोपी नाइजीरिया और कैमरून के मूल निवासी हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसारए ये लोग साल 2018 में भारत आए थे।
इसके बाद पिछले लगभग तीन वर्षों से ये फरीदाबाद के लक्कड़पुर इलाके में किराए का मकान लेकर रह रहे थे और यहीं से अपने नेटवर्क को संचालित कर रहे थे। हैरानी की बात यह है कि गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने इनसे पूछताछ की और इनके दस्तावेजों की जांच की, तो इनके पास से कोई भी वैध वीजा या पासपोर्ट बरामद नहीं हुआ।
पुलिस अब इस बात की भी गहनता से जांच कर रही है कि बिना किसी वैध दस्तावेज के ये इतने समय से भारत में कैसे रह रहे थे और इन्हें स्थानीय स्तर पर किसका संरक्षण प्राप्त था। एसीपी क्राइम अमन यादव के मुताबिक शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि ये आरोपी कोकीन की बड़ी खेप लाकर उसे छोटी-छोटी पैकेटों में पैक करते थे।
इसके बाद इन पैकेट्स को दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों में सक्रिय ड्रग पेडलर्स और ग्राहकों को सप्लाई किया जाता था। इनका मुख्य निशाना कॉलेज के छात्र और रेव पार्टियों में जाने वाले लोग होते थे। लिस अब आरोपियों को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है। पुलिस का मुख्य उद्देश्य इस पूरे ड्रग सिंडिकेट की जड़ तक पहुंचना है।
रिमांड के दौरान पुलिस यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि इतनी बड़ी मात्रा में कोकीन इनके पास कहां से आई थी, इसका मुख्य सप्लायर कौन है और दिल्लीण्एनसीआर में इनके संपर्क किन-किन लोगों से थे। इस बड़ी गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने जब लक्कड़पुर और उसके आसपास के इलाकों में सघन तलाशी अभियान चलाया, तो उन्हें 9 अन्य विदेशी नागरिकों के बारे में भी महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं।
पुलिस फिलहाल इन सभी 9 संदिग्धों के रिकॉर्ड खंगाल रही है और उनके वीजा व पासपोर्ट की वैधता की जांच की जा रही है। पुलिस को अंदेशा है कि इस ड्रग नेटवर्क के तार और भी गहरे जुड़े हो सकते हैं।
एसीपी ने बताया कि पुलिस की इस मुस्तैदी ने दिल्ली एनसीआर में सक्रिय ड्रग माफियाओं को एक बड़ा झटका दिया है। नशे के इस अवैध कारोबार को जड़ से खत्म करने के लिए उनका यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।