JKNEWS18/FARIDABAD : केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने आज जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) में अधिकारियों को कड़ी जवाबदेही तय करते हुए कहा कि स्पष्ट निर्देश दिए कि शहर में जलभराव की समस्या को किसी भी स्थिति में दोबारा उत्पन्न न होने दिया जाए।
शहर के सभी बड़े चौराहों व प्रमुख जलभराव प्रभावित क्षेत्रों में जल निकासी को लेकर बेहतर इंतजाम करने में कोई कोर कसर न छोड़ जिससे की आम जन को कोई परेशानी न हो। श्री गुर्जर आज लघु सचिवालय में दिशा की बैठक के दौरान अधिकारियों को सम्बोधित करते हुए निर्देश दिए।
इस अवसर पर उनके साथ बडख़ल विधायक धनेश अदलखा और नगर निगम मेयर प्रवीन जोशी भी मौजूद रही। बैठक में केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए कुल 59 एजेंडों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। इसमें योजनाओं के बजट व्यय, लाभार्थियों तक पहुंच, जमीनी प्रभाव और पारदर्शिता को प्रमुखता से लिया गया।
उन्होंने कहा कि जेसीबी चौक, वाईएमसीए, सीकरी, गुडईयर सहित शहर के प्रमुख जलभराव प्रभावित क्षेत्रों में जल निकासी एवं सीवर समस्या के स्थायी समाधान को लेकर एफएमडीए अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने प्रमुख ड्रेनेज पॉइंट्स और नालों की समयबद्ध सफाई, पंपिंग व्यवस्था को सुदृढ़ करने तथा जल निकासी तंत्र की पूर्ण तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में पाइपलाइन बिछाने तथा पानी निकालने के लिए पंपों की संख्या बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। उन्होंने निर्देश दिए कि सडक़ों की गुणवत्ता की जांच हेतु वीडियोग्राफी, फोटोग्राफी और सैम्पलिंग करवाई जाए, ताकि निर्माण कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके।
बैठक में पिछली दिशा बैठक में लिए गए निर्णयों पर की गई कार्रवाई की समीक्षा की गई। इस दौरान गांव पाली एवं भांकरी में जलभराव एवं सडक़ों की खराब स्थिति का मुद्दा उठाया गया। एनएचएआई द्वारा अवगत कराया गया कि सडक़ मरम्मत कार्य प्रगति पर है, जिसे आगामी दो माह में पूर्ण कर लिया जाएगा।
केंद्रीय राज्य मंत्री ने उपायुक्त को एनएचएआई एवं संबंधित नगर निकाय के साथ संयुक्त बैठक कर जलभराव के स्थायी समाधान का खाका तैयार करने तथा अगली बैठक में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त नवादा, भांखरी सडक़ एवं संबंधित नालों के निर्माण कार्य की भी समीक्षा की गई।
अधिकारियों ने बताया कि अधिकांश कार्य पूर्ण किया जा चुका है तथा शेष कार्य को शीघ्र पूरा करने के निर्देश ठेकेदार को दिए गए हैं। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि नगर निगम क्षेत्राधिकार में स्थित कम्युनिटी सेंटरों का संचालन संबंधित रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के माध्यम से किया जाएगा।
संचालन एवं अनुरक्षण (ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस) की संरचना तैयार करने हेतु नगर निगम फरीदाबाद को आवश्यक निर्देश दिए गए। बैठक में सेक्टर 45 एवं 46 सहित अन्य क्षेत्रों में स्थित सामुदायिक केंद्रों के हैंडओवर की स्थिति की समीक्षा की गई। अधिकारियों द्वारा अवगत कराया गया कि आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण कर कई केंद्रों का हैंडओवर किया जा चुका है
तथा शेष केंद्रों का हैंडओवर भी चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। इसके अतिरिक्तए सेक्टर-8 स्थित कम्युनिटी सेंटर की जर्जर स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई। अधिकारियों ने बताया कि केंद्र के पुनर्निर्माण हेतु कंसल्टेंट नियुक्त कर दिया गया है तथा विस्तृत एस्टीमेट तैयार किया जा रहा है।
बैठक में स्पष्ट किया गया कि केंद्र की स्थिति मरम्मत योग्य नहीं है, अत: इसे तोडक़र नए सिरे से निर्माण किए जाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। बैठक में शहर की पेयजल आपूर्ति एवं जलभराव की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। सहकारिता राज्य मंत्री कृष्ण पाल ने निर्देश दिए गए कि एसटीपी प्लांट संबंधित विभाग भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए
स्थायी समाधान की कार्ययोजना तैयार करें, जिसे अमृत योजना फेज.2 में शामिल किया जाए। साथ ही एनआईटी विधानसभा क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति की समस्या को जून 2026 तक पूर्ण रूप से हल करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने बताया कि एनआईटी क्षेत्र में वर्तमान में 11 बूस्टर एवं लगभग 300 ट्यूबवेल कार्यरत हैं, फिर भी 30-35 एमएलडी की कमी बनी हुई है।
इस कमी को पूरा करने हेतु एफएमडीए द्वारा 12 नई परियोजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं, जो वर्ष 2026 तक पूर्ण होंगी। अंतरिम व्यवस्था के तहत अतिरिक्त पंपिंग एवं वैकल्पिक जल आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। राज्य मंत्री कृष्ण पाल ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जनसंख्या के अनुपात में सभी क्षेत्रों में समान एवं न्यायसंगत जल वितरण सुनिश्चित किया जाए।
इसके लिए जल वितरण की मैपिंगए निगरानी और सुधारात्मक कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया। सहकारिता राज्य मंत्री कृष्ण पाल ने स्मार्ट सिटी रोड सेक्टर-28 फरीदाबाद के संबंध में स्पष्ट निर्देश जारी किए। उन्होंने तिरंगा लाइट्स को पूर्ण रूप से क्रियाशील रखने, चाय चौपाल, रेलिंग एवं पौधारोपण कार्य शीघ्र पूर्ण करने तथा लिंक रोड के उचित रखरखाव के निर्देश दिए।
साथ ही सेक्टर.28 की स्मार्ट सिटी रोड के आसपास तीन चाय चौपाल स्थापित करने तथा शहर की प्रमुख सडक़ों पर तिरंगा लाइट्स लगाने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने निर्देश दिए कि स्मार्ट सिटी रोड सेक्टर-28 का सौंदर्यीकरण नई दिल्ली के कर्तव्य पथ की तर्ज पर किया जाए तथा संबंधित अधिकारी स्थल का निरीक्षण कर उसी अनुरूप कार्य योजना तैयार करें।
बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि बडख़ल झील से संबंधित कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं। अधिकारियों ने बताया कि अधिकांश कार्य दिसंबर 2025 तक पूर्ण कर लिया जाएगा तथा शेष लिफ्ट से संबंधित कार्य मार्च 2026 तक पूरा कर हैंडओवर कर दिया जाएगा।
बैठक में स्मार्ट सिटी एवं सडक़ निर्माण से संबंधित विभिन्न लंबित टेंडरों की समीक्षा की गई। अधिकारियों द्वारा बताया गया कि 12 से 18 फीट चौड़ाई की सडक़ों, अंडरग्राउंड इलेक्ट्रिफिकेशन, आरसीसी कार्य एवं मुख्य मार्गों के विकास से जुड़े लगभग 30-36 करोड़ रुपये के कार्य स्वीकृत हैं, जिनमें से कुछ कार्य लंबे समय से लंबित हैं।
राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने अंडरग्राउंड केबलिंग, सडक़ निर्माण एवं अन्य अधोसंरचना कार्यों में हो रही देरी पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों से विस्तृत जानकारी एवं नक्शे प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि आवंटित कार्यों को बिना किसी अनावश्यक विलंब के शीघ्र पूरा किया जाए।
बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि सभी लंबित टेंडरों की वर्तमान स्थितिए कार्य प्रगति एवं समय.सीमा की स्पष्ट रिपोर्ट अगली बैठक में प्रस्तुत की जाए। साथ ही कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और किसी भी प्रकार की अनियमितता को रोकने के निर्देश दिए गए। केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर की अध्यक्षता में आयोजित
समीक्षा बैठक में पूर्व एवं पश्चिम फरीदाबाद को जोडऩे के उद्देश्य से प्रस्तावित एलिवेटेड यू.टर्न के निर्माण पर विस्तार से चर्चा की गई। मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने इस अवसर पर बताया कि प्रस्तावित स्थल के समीप उनकी स्वयं की भूमि उपलब्ध है और पुल निर्माण के लिए आवश्यक भूमि निशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजना के लिए आवश्यक भूमि की सीमा का भौतिक मुआयना कर आवश्यक भूमि की सही मात्रा का आकलन किया जाएए ताकि निर्माण कार्य शीघ्र शुरू किया जा सके। साथ ही बैठक में बल्लभगढ़ क्षेत्र में यातायात जाम की गंभीर समस्या पर भी चर्चा की गई। केंद्रीय राज्य मंत्री ने निर्देश दिए कि यातायात दबाव को कम करने के लिए वैकल्पिक यू.टर्न या डायवर्जन की व्यवहारिक व्यवस्था शीघ्र तैयार की जाए, जिससे आमजन को राहत मिल सके।