JKNEWS18/FARIDABAD : फरीदाबाद पुलिस ने गंभीर अपराधों में संलिप्त अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए एक विशेष पायलट प्रोजेक्ट आरजेएसएफ के तहत व्यापक अभियान शुरू किया हुआ है।
इस प्रोजेक्ट के अंतर्गत पिछले 10 सालों में हत्या, लूट, डकैती, हत्या के प्रयास, एक्सटॉर्शन, शस्त्र अधिनियम जैसे गंभीर मामलों में गिरफ्तार अपराधियों पर फरीदाबाद पुलिस द्वारा लगातार निगरानी की जा रही है। ऐसे अपराधी जो अदालत से जमानत मिलने के बाद निर्धारित शर्तों का उल्लंघन कर फरार हो गए हैं, उनकी तलाश के साथ-साथ अब उनके जमानतदारों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है, ताकि फरार अपराधियों की न्यायालय में उपस्थिति सुनिश्चित कराई जा सके।
पुलिस उपायुक्त अपराध राजेश कुमार मोहन के अनुसार फरीदाबाद पुलिस द्वारा पिछले दस वर्षों के गंभीर अपराधों के रिकॉर्ड का विस्तृत विश्लेषण किया गया। विश्लेषण के आधार पर ऐसे अपराधियों की सूची तैयार कर उन्हें संबंधित थाना प्रभारियों को सत्यापन, निगरानी और नियमित मॉनिटरिंग के लिए सौंपा गया। जिस पर पुलिस थाना की टीमों ने घर-घर जाकर भौतिक सत्यापन अभियान चलाया।
अभियान के दौरान बड़ी संख्या में ऐसे आरोपी सामने आए जो अपने दिये गये पते पर नहीं मिले। ऐसे अपराधियों को बेल जंपर घोषित करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। साथ ही उनके जमानतदारों के खिलाफ भी कार्रवाई करने के लिए माननीय न्यायालय में आवेदन दाखिल कर कानूनी प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।
फरीदाबाद पुलिस ने 3 जमानतदारों के विरुद्ध 491 भारतीय नागरिक संरक्षण संहिता के अंतर्गत माननीय न्यायालय में आवेदन कर कार्रवाई शुरू कर दी है वहीं 8 अन्य जमानतदारों के विरुद्ध दस्तावेज तैयार किया जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे फरार आरोपियों को बेल जंपर घोषित किया जाएगा, उनके जमानतदारों के विरुद्ध भी कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने और अधिक जानकारी देते हुए बताया कि यह पहल केवल फरार आरोपियों को पकडऩे तक सीमित नहीं है, बल्कि आदतन अपराधियों पर प्रभावी निगरानी स्थापित करने और भविष्य में अपराधों की पुनरावृत्ति रोकने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।
अभियान की प्रमुख उपलब्धियां
पिछले 10 वर्षों के रिकॉर्ड के आधार पर 3499 गंभीर अपराधियों की पहचान कर संबंधित थानों को सत्यापन एवं निगरानी के लिए सौंपा गया। इनमें से 2,212 अपराधियों 63.22 प्रतिशत का भौतिक सत्यापन पूरा किया जा चुका है, जबकि शेष 1287 अपराधियों का सत्यापन प्राथमिकता के आधार पर जारी है। सत्यापन के दौरान 1368 अपराधी अपने दर्ज पते पर मिले।
161 अपराधी विभिन्न जेलों में बंद पाए गए व 55 की मृत्यु हो चुकी है। आदतन अपराधियों पर सतत निगरानी रखने के लिए 35 हिस्ट्री शीट खोली गई हैं। अभियान के दौरान 13 गंभीर अपराधियों को भी गिरफ्तार किया गया, जो नए मामलों में वांछित थे। 628 अपराधी अपने दर्ज पते पर नहीं मिले अथवा फरार पाए गए, जिन्हें बेल जंपर घोषित करने की प्रक्रिया जारी है।