JKNEWS18/FARIDABAD : फर्जी सीबीआई एवं पुलिस अधिकारी बनकर 8,22,500 की साइबर ठगी करने के मामले में साइबर थाना एनआईटी फरीदाबाद की टीम ने 24 जून को एक आरोपी को फरीदाबाद से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान राहुल अवस्थी निवासी मोहल्ला सराय, कोटपुतली, राजस्थान, हाल निवासी उत्तम नगर दिल्ली के रूप में हुई है।
जिसको न्यायिक हिरासत जेल भेज दिया गया है। पुलिस प्रवक्ता अनुसार जवाहर कॉलोनी निवासी शिकायतकर्ता ने बताया कि 29 अप्रैल 2025 को उनके मोबाइल नंबर पर एक कथित सीबीआई अधिकारी की कॉल आई। जिसने बताया कि शिकायतकर्ता के नाम पर एक अवैध आई कार्ड जारी है और इस संबंध में मुंबई के कोलाबा पुलिस स्टेशन में दर्ज है।
इसके बाद एक कॉल के माध्यम से संपर्क स्वयं को कोलाबा पुलिस स्टेशन का अधिकारी बताते हुये कहा कि उनका मामला को स्थानांतरित कर दिया गया है। इसके पश्चात शिकायतकर्ता से स्वयं को सीबीआई अधिकारी बताने वाले व्यक्ति ने लगातार संपर्क बनाए रखा और कहा कि शिकायतकर्ता के नाम पर केनरा बैंक खाते से जुड़ा डेबिट कार्ड एक कथित आरोपी नरेश गोयल को बेचा गया है,
जो करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी के मामले में वांछित है। ठगों ने शिकायतकर्ता को फर्जी दस्तावेज और फोटो भेजकर डर का माहौल में रखा और ठगों ने शिकायतकर्ता से उनके बैंक खातों की जानकारी प्राप्त कर यह कहकर विश्वास में लिया कि उनके खातों द्वारा की जाएगी। इसके लिए शिकायतकर्ता को अपने बैंक खाते की 95 प्रतिशत राशि एक निर्दिष्ट खाते में जमा कराने के लिये कहा गया।
पुलिस कार्रवाई के भय और आरोपियों की बातों में आकर शिकायतकर्ता ने 03 मई 2025 को कुल 8,22,500 रुपये स्थानांतरित कर दिये। बाद में शिकायतकर्ता को अहसास हुआ कि उनके साथ फर्जी सीबीआई एवं पुलिस अधिकारी बनकर साइबर ठगी की गई है। जिस शिकायत के आधार पर साइबर थाना एनआईटी में संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया।
जांच में सामने आया कि आरोपित राहुल अवस्थी टेलीग्राम के माध्यम से ठगो के संपर्क में था। उसने ऑनलाइन गेमिंग के माध्यम से अपना खाता ठगों को उपलब्ध करा रखा था। उसके खाते में ठगी की रकम में से 70,000 प्राप्त हुए थे। वह द्वितीय लेयर का बैंक खाताधारक है। आरोपी मेडिकल स्टोर पर दवाइयों की सप्लाई का कार्य करता है।
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी के इस खाता में गुडग़ांव, कर्नाटक, हैदराबाद के अन्य चार मामलों में ठगी के 200000 से अधिक की राशि प्राप्त हुई है। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि ठगी की कुल राशि 8,22,500 को साइबर ठगों ने पहले 14 अलग-अलग बैंक खातों में प्राप्त किया। उसके बाद इस धनराशि को द्वितीय लेयर में विभिन्न अन्य खातों में स्थानांतरित किया गया था।