JKNEWS18/FARIDABAD : साइबर थाना एनआईटी और साइबर थाना बल्लभगढ़ की टीमों ने अलग-अलग कार्रवाई करते हुए साइबर ठगी के तीन मामलों में कुल 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि साइबर ठगी के मामलों में बैंक खातों का इस्तेमाल करने से लेकर ठगी की रकम को आगे पहुंचाने और फ्रॉड से हासिल मोबाइल फोन की खरीद-फरोख्त तक आरोपियों की भूमिका रही है। ट्रेडिंग के नाम पर 91.50 लाख की ठगी, बैंक खाता उपलब्ध कराने वाले तीन गिरफ्तार पहले मामले में साइबर थाना एनआईटी की टीम ने ऑनलाइन ट्रेडिंग में निवेश कर मुनाफा कमाने का झांसा देकर 91 लाख 50 हजार रुपये की साइबर ठगी के मामले में बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पवन कुमार निवासी विनोद नगर ईस्ट दिल्ली गौरव त्यागी निवासी बालाजी विहार गाजियाबाद उत्तर प्रदेश तथा जितेन्द्र निवासी लोहा मंडी गाजियाबाद उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है। पुलिस जांच के अनुसार आरोपियों ने खाताधारक इन्द्रजीत का बैंक खाता ठगों तक पहुंचाने में भूमिका निभाई थी।
जांच में सामने आया कि इन्द्रजीत के बैंक खाते में साइबर ठगी की रकम में से 12.50 लाख रुपये आए थे। आवश्यक पूछताछ के बाद आरोपियों को माननीय अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने का झांसा देकर 27802 रुपये ठगे
दूसरे मामले में साइबर थाना बल्लभगढ़ की टीम ने क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने का झांसा देकर 27802 रुपये की साइबर ठगी करने के एक मामले में आरोपी शिव शंकर उर्फ राघव निवासी संगम विहार साउथ दिल्ली को गिरफ्तार किया है। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी पहले दिल्ली के नेहरू प्लेस में मोबाइल फोन की दुकान चलाता था।
क्रेडिट कार्ड फ्रॉड के माध्यम से खरीदे गए मोबाइल फोन को वह पहले गिरफ्तार किए जा चुके अब्दुल से कम कीमतों पर खरीदता था और फिर आगे बेचता था। जिसको 5 दिन पुलिस रिमांड पर लेकर साइबर थाना के टीम पूछताछ कर रही है। 6.61 लाख के ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट फ्रॉड में जेल में बंद खाताधारक प्रोडक्शन वारंट पर लिया
तीसरे मामले में साइबर थाना एनआईटी में दर्ज 6.61 लाख रुपये के ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट फ्रॉड की जांच के दौरान दिल्ली की जेल में बंद आरोपी रोहित बिष्ट निवासी किरनौ उत्तरकाशी उत्तराखंड हाल निवासी महरौली दिल्ली को पुलिस प्रोडक्शन वारंट पर लेकर गिरफ्तार किया है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी के बैंक खाते में इस साइबर फ्रॉड से संबंधित 2.20 लाख रुपये की रकम आई थी। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी के बैंक खाते से संबंधित विभिन्न राज्यों में 7 शिकायतें दर्ज हैं, जिनमें उसके बैंक खाते में करीब 1.24 करोड़ रुपये की रकम आने की जानकारी सामने आई है।
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि फरीदाबाद पुलिस साइबर ठगी के मामलों में साइबर अपराधियों को बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच कर रही है। साइबर ठगी की रकम को अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर आगे भेजने के लिए खातों का इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे मामलों में बैंक खाता उपलब्ध कराने वाले व्यक्तियों के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।