JKNEWS18/FARIDABAD : साइबर अपराधियों के खिलाफ फरीदाबाद पुलिस का अभियान लगातार जारी है। पुलिस उपायुक्त मुख्यालय हिमाद्री कौशिक के नेतृत्व में साइबर थाना एनआईटी की टीमों ने तीन अलग-अलग साइबर ठगी के मामलों में कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।
जिनमें एक शेयर मार्केट निवेश के नाम पर ठगी में इस्तेमाल हुए बैंक खाते का धारक, दूसरा साइबर ठगों को सिम कार्ड उपलब्ध कराने वाला तथा तीसरा कम ब्याज पर पर्सनल लोन दिलाने का झांसा देकर ठगी करने वाला आरोपी शामिल है। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि साइबर अपराधी लोगों को निवेश, ऑनलाइन शॉपिंग और सस्ते लोन का लालच देकर ठगी का शिकार बना रहे हैं।
ऐसे मामलों में केवल कॉल करने वाले ही नहीं, बल्कि अपने बैंक खाते, सिम कार्ड या अन्य संसाधन उपलब्ध कराने वाले लोग भी कानून के दायरे में आते हैं। साइबर थाना एनआईटी ने टीम ने अलग-अलग मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए ऐसे ही 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर 68.25 लाख की ठगी पहले मामले में शिकायतकर्ता को शेयर मार्केट में भारी मुनाफा कमाने का झांसा देकर 68 लाख 25 हजार रुपये की साइबर ठगी की गई थी। जांच के दौरान साइबर टीम ने ठगी की रकम की बैंकिंग ट्रेल का विश्लेषण किया, जिसमें दूसरी लेयर के एक बैंक खाते का पता चला।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दीपक, निवासी टोहाना, जिला फतेहाबाद को गिरफ्तार किया। उसके बैंक खाते में ठगी की राशि में से 50 हजार रुपये ट्रांसफर किए गए थे। जिसको अदालत में पेश कर जेल भेजा गया है। ऑनलाइन शॉपिंग के दौरान 20 हजार रुपये की ठगी दूसरे मामले में ऑनलाइन शॉपिंग के दौरान शिकायतकर्ता से 20 हजार रुपये की साइबर ठगी की गई थी।
जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर चन्द्रेशए निवासी गणेश विहारए जयपुर को गिरफ्तार किया। जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी ने अपना सिम कार्ड साइबर ठगों को उपलब्ध कराया था, जिसका इस्तेमाल कर शिकायतकर्ता से संपर्क कर ठगी की वारदात को अंजाम दिया गया। जिसको अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
सस्ते ब्याज पर लोन दिलाने के नाम पर ठगे 1.25 लाख रुपये तीसरे मामले में शिकायतकर्ता को कम ब्याज दर पर पर्सनल लोन दिलाने का झांसा देकर 1 लाख 24 हजार 998 रुपये की ठगी की गई थी। साइबर थाना एनआईटी की टीम ने इस मामले में योगेश कुमार, निवासी गांव धाधुमर, जिला बदायूं उत्तर प्रदेश को गिरफ्तार किया है।
जिसने शिकायतकर्ता को फोन कर आकर्षक ब्याज दर पर पर्सनल लोन उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया और फिर प्रोसेसिंग फीस, फाइल चार्ज, बीमा शुल्क और अन्य औपचारिकताओं के नाम पर कई किस्तों में अपने बैंक खाते में शिकायतकर्ता से रुपये ट्रांसफर करवा लिये। रकम मिलने के बाद न तो लोन उपलब्ध कराया गया और न ही पैसे वापस किये गए। आरोपी को 2 दिन पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है।